बरसात

शहर ने बरसात के लिए

इन्तजार किया है

मन्नते माँगी है

टोटके किए है

निहारा है बार बार आसमान को

बादलों की टोह लेने के लिए

मौसम की भविष्यवाणी पढ़ी है

हर रोज मानसून बुलेटिन

देखा है टीवी पर

तब जाकर आई है ।

निगम का अमला जुटा है

नाले साफ करो

सीवर साफ करो

नदी के तटबंध पुख्ता करो

बाढ से सुरक्षा के लिए

समीक्शा बैठक में बहस होती है

बजट प्रावधान किया जाता है

फिर बरसात का इंतज़ार

बरसात आएगी खुशियाँ लाएगी।

लो आ गई बरसात

खबर बन गई

टी वी पर ब्रेकिंग न्यूज

लोग खुश हैं

बच्चे उछल कूद कर

उल्लास प्रकट करते हैं

पेड़ों के चेहरे चमक उठे

पहली बरसात की सौन्धी महक

फैल गई वायुमंडल में ।

लो आ गई बरसात

शहर में पानी भर गया

लग गया जगह जगह जाम

लोग परेशान

सरकार की ऐसी तैसी

कर रहे हैं

अस्पताल भर गया मरीजों से

सीजन शुरू कमाई का

बाढ सहायता बट रही है

बाढ नियन्त्रण का काम चलता है

नेता खुश अमला खुश

लो आ गई बरसात

ले के खुशियों की सौगात ।

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s