हँसी

तुम्हारी हँसी में

छिपी है क ई उदास शामें

शामों का अकेलापन

इंतजार में बोझिल पलकें

पदचाप सुनने की आतुरता

बेसब्र रातों का उनींदापन ।

ओ अल्हड़ हवा

उड़ा ले जा उदासी को

अपने साथ

दे दो थोडी मस्ती

बिखरा दो गुलाल

थके हुए मनोबल पर ।

ऐ उदास लड़की

बाहर निकल

और देख

खड़ा है कोई

तुम्हारे इंतजार म

सतरंगी सपनों की सौगात लिए ।

2 विचार “हँसी&rdquo पर;

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